बॉम्बे हाई कोर्ट का एक अहम फैसला।

अधिवक्ता राज कांबले का बेहतर तर्क.
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले में फैसला सुनाते हुए करीब छह साल बाद आरोपी को जमानत दे दी है।उक्त मामला अप्रैल 2020 का है और आरोपी करीब छह साल से जेल में था।सरकारी पक्ष ने आरोपी पर आरोप लगाया था कि आरोपी और उसके मुख्य साथी ने मिलकर एक महिला के साथ शारीरिक शोषण किया है।चूंकि उक्त अपराध कोविड काल में हुआ था,इसलिए इसकी चर्चा पूरे मुंबई शहर में हुई थी।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी ने दो बार बॉम्बे सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए बॉम्बे सेशन कोर्ट ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया,उस समय आरोपी की ओर से केस में उत्तम साक्ष पेश करते हुए अधिवक्ता राज कांबले ने दलील दी कि मौजूदा मामले में अपराध साबित करने के लिए प्रथम दृष्टया सबूतों की कमी है.अत: इससे अधिक समय अभियुक्त को जेल में रखना न्यायिक दृष्टि से उचित नहीं होगा,इसी प्रकार गवाह-सबूत के महत्व को न्यायालय के ध्यान में लाया गया।सरकारी वकील और आरोपी के वकील की दलीलें सुनने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी है. वहीं,अधिवक्ता राज कांबले ने कहा है कि ऐसे मामलों को सुलझाने की तत्काल जरूरत है।
