
मुंबई: घाटकोपर पश्चिम के एक होटल और बार में 10 अप्रैल की तड़के देर रात कीमा पाव को लेकर हुए विवाद और बिल को लेकर हुई कहासुनी हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।
घाटकोपर पुलिस ने होटल के मैनेजर समेत 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता सहायक सब-इंस्पेक्टर चांगदेव नारायण डांगरे (54) 9 अप्रैल की रात निर्भया मोबाइल वैन में गश्त पर थे। रात करीब 1:50 बजे पुलिस को लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर स्थित त्रिलोक होटल और बार में झगड़े की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने करीब 14 से 15 लोगों को तीखी बहस में उलझा हुआ पाया, जो हाथापाई में तब्दील हो गई थी। पुलिस ने हस्तक्षेप किया, स्थिति को नियंत्रण में लाया और शामिल लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले गई।
जांच के दौरान चार ग्राहकों की पहचान उल्हास भीमराव वैरात (28 वर्ष, पंत नगर, घाटकोपर पूर्व निवासी प्रशिक्षक), ज्ञानदेव बालू धेबे (37 वर्ष, तिलक रोड, घाटकोपर निवासी ड्राइवर), अश्विन प्रदीप कदम (36 वर्ष, पंत नगर निवासी लेखाकार) और नीलेश दिलीप बैत (34 वर्ष, कन्नमवार नगर, विक्रोली पूर्व निवासी इंजीनियर) के रूप में हुई।
होटल के कर्मचारियों में प्रबंधक सुधाकर वन्नया पुजारी (58 वर्ष), एक काउंटरमैन, पांच वेटर और तीन सहायक शामिल थे। दोनों पक्षों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि विवाद कीमा पाव परोसने और बिल की राशि को लेकर शुरू हुआ, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) अधिनियम की धारा 194(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।
