
उल्हासनगर: उल्हासनगर- 3 के शांतिनगर श्मशान भुमि में बिना किसी सरकारी अनुमति के स्थापित डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक हटाकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग को महापौर अश्विनी निकम ने बिना किसी चर्चा के खारिज कर दिया। इस फैसले से अंबेडकर समुदाय में भारी असंतोष फैल गया है।
इस संबंध में कुछ दिन पहले ‘कायद्यने वागा’ संगठन के अध्यक्ष राज असरोंडकर, सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गायकवाड़ और दिलीप मालवणकर ने जिला कलेक्टर और मनपा आयुक्त को लिखित बयान सौंपा था। उन्होंने मांग की थी कि प्रतिमा को तुरंत वहां से हटाकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाए, क्योंकि कब्रिस्तान जैसे स्थानों पर नशाखोरों के घूमने की संभावना है।
कल हुई आम बैठक में वंचित बहुजन अघाड़ी की नगरसेविका सुरेखाताई सोनवाने ने इस मुद्दे पर एक रोचक बात उठाई थी। हालांकि महापौर द्वारा इसे खारिज किए जाने से शहर में बहस छिड़ गई है। गौरतलब हो कि मनपा ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया है कि यह प्रतिमा मनपा द्वारा स्थापित नहीं की गई है और इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। फिर भी, कार्यकर्ता इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा से बचने पर नाराजगी जता रहे हैं। इस मामले पर महापौर से संपर्क करने के प्रयास असफल रहे।
