लारेंस विश्नोई गैंग के 4 आरोपी गिरफ्तार।
मुंबई:विलेपार्ले के एक ज्वेलर्स कारोबारी को खुद को “Lawrence Bishnoi Gang” का सदस्य बताकर व्हॉट्सऐप के जरिए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में बॉम्बे हाई कोर्ट एडवोकेट आशीष राय और पंकज मिश्रा, प्राची पाण्डेय के द्वारा आरोपियों की पैरवी पुरजोर तरह से की जा रही है | मामले में तीसरी बार आरोपियों को अँधेरी कोर्ट न्यायालय में 21 फेब्रुअरी को दुबारा पुलिस रिमांड के तहत पेश किया जायेगा |

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता अजित सोहनलाल जैन (46), जो विलेपार्ले पूर्व में ज्वेलरी शॉप चलाते हैं, को 12 फरवरी 2026 से व्हॉट्सऐप पर धमकी भरे संदेश मिल रहे थे। संदेशों में 20 लाख रुपये की मांग की गई थी और रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी गई थी। बाद में सौदेबाजी के बाद 5 लाख रुपये में डील तय हुई।15 और 16 फरवरी को लगातार कॉल और संदेशों के जरिए आरोपियों ने रकम तैयार रखने को कहा। 16 फरवरी को दोपहर 2 बजे कुर्ला टर्मिनस पर पैसे पहुंचाने के निर्देश दिए गए। कारोबारी ने अपने दो कर्मचारियों—मनीष परिहार (30) और अशोक त्रिवेदी (32) को 5 लाख रुपये एक बैग में देकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस के पार्किंग परिसर स्थित हल्दीराम रेस्टोरेंट के पास खड़ा रहने को कहा।शाम करीब 4:30 बजे कॉलर ने बताया कि उसका आदमी “लालपरी” कोड वर्ड बताएगा। कुछ देर बाद चार संदिग्ध युवक वहां पहुंचे। पहले टोह लेने के बाद दो युवकों ने “लालपरी” कोड वर्ड बोला और कर्मचारियों से पैसों से भरा बैग ले लिया।पहले से सादी वर्दी में तैनात पुलिस टीम ने आरोपियों का करीब 200 मीटर तक पीछा किया और उन्हें ऑटो में बैठकर भागने की कोशिश करते समय दबोच लिया। तलाशी में 5 लाख रुपये नकद और कई मोबाइल फोन बरामद हुए।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक नरेंद्र डंगोल (19),निवासी पुणे,माजिद साजिद खान (21), निवासी गोवंडी,मुंबई,फैजान फिरोज खान (27), निवासी पुणे और साहिल इलियाज शेख (20), निवासी गोवंडी,मुंबई के रूप में हुई है।बताया जाता है कि एक आरोपी के पास से सोने रंग का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने इम्तियाज और वशीर नामक व्यक्तियों के कहने पर रकम लेने की बात कबूल की है।आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।पुलिस अब मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश जारी है।
