वसई में 30 वर्षीय व्यक्ति की सीलबंद पानी की टंकी में मानव खोपड़ी मिली

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वसई: वसई के नवपाड़ा इलाके में एक 30 साल पुरानी इमारत की सीलबंद पानी की टंकी के अंदर से एक मानव खोपड़ी और कई हड्डियां मिलने से सनसनी फैल गई है। इस भयावह खोज ने स्थानीय लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह किसी लंबे समय से भुला दिए गए हत्याकांड का मामला है या किसी अनुष्ठान का।
यह घटना मानिकपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में घटी। पुरानी टंकी को तोड़ने का काम कर रहे मजदूरों ने कंक्रीट की पटिया तोड़ते समय कंकाल के अवशेषों को बरामद किया। सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और प्रारंभिक जांच (पंचनामा) शुरू की। विस्तृत विश्लेषण के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अवशेष अधूरे हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है।
स्थान: लगभग 30 साल पुरानी इमारत।
टैंक: बताया जा रहा है कि पानी का टैंक लगभग तीन दशकों से बंद पड़ा था।
खोज: जीर्णोद्धार कार्य के दौरान ऊपरी स्लैब हटाने पर ही श्रमिकों को खोपड़ी और हड्डियां मिलीं।
सहायक पुलिस आयुक्त उमेश माने पाटिल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
“यह 30 साल पुरानी इमारत है और टैंक भी इतने ही समय से बंद था। मरम्मत के लिए स्लैब तोड़ते समय मजदूरों को एक कंकाल और खोपड़ी मिली। सूचना मिलते ही हम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। जांच जारी है।”
इस खोज ने इलाके में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। चूंकि कंकाल के अवशेष अधूरे हैं, इसलिए पुलिस कई पहलुओं की जांच कर रही है, जैसे:
हत्या, क्या वर्षों पहले किसी की हत्या करके टैंक में छिपा दिया गया था?
तंत्र-मंत्र संबंधी प्रथाएँ: क्या इसका संबंध “भानमती” (काला जादू) या अन्य अंधविश्वासी अनुष्ठानों से हो सकता है?
ऐतिहासिक दुर्घटना: दिलचस्प बात यह है कि इस इमारत का एक दुखद अतीत है; दो साल पहले, गैस रिसाव के कारण दम घुटने से दो से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। फिलहाल, इमारत से सटी चॉल में करीब आठ से दस लोग रहते हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि मृतक की पहचान और मौत का कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
मानिकपुर पुलिस ने जनता को आश्वासन दिया है कि वे इन कंकाल अवशेषों के पीछे के रहस्य को सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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