कांग्रेसी गुंडों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग।

रवि निषाद
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बिना कारण पत्रकार की पिटाई का मामला।

चेंबूर पश्चिम मनपा प्रभाग 150 में मतदान वाले दिन पी एल लोखंडे मार्ग मछली मार्केट के सामने 15 जनवरी 2026 के दिन जिस समय मतदान प्रक्रिया शुरू था उसी बीच करीब 3.30 बजे खबरों का संकलन कर रहे एक दैनिक मराठी समाचार पत्र के पत्रकार की कुछ कांग्रेसी गुंडों ने पिटाई की है।पीड़ित पत्रकार के मुताबिक हमलावर 20 से 25 की संख्या में थे।अब इस मामले में उक्त घटना में शामिल तथाकथित कांग्रेसी गुंडों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है जब की स्थानीय पुलिस उन गुंडों को एक कांग्रेसी सांसद के दबाव में बचाने की पूरी कोशिश कर रही है।

                मिली जानकारी के अनुसार चेंबूर पी एल लोखंडे मार्ग स्थित मछली मार्केट के पास के पोलिंग बूथ के बाहर 15 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे काफी लोग जमा होकर आपस में झगड़ रहे थे।उस समय उक्त पत्रकार ने वहां की स्थिति को देखते हुए जोन 6 के डैशिंग पुलिस उपायुक्त समीर शेख को स्थिति की जानकारी दी।उसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच कर भीड़ को तीतर बितर की।जब दोबारा उक्त पत्रकार तिलक नगर साइड से खबर का संकलन कर अपने एक दोस्त की बाइक से वापस उसी रास्ते से गुजर रहा था तो उसी स्थल पर जमी भीड़ में से कुछ कांग्रेस समर्थक गुंडों ने उक्त पत्रकार को बाइक से घसीट कर लात घुसो से उसकी पिटाई किए।और बोले कि अगर इस घटना की शिकायत किया तो जान से मार देंगे।पुलिस सूत्र बताते हैं कि उक्त सभी कांग्रेसी गुंडों ने एक कांग्रेसी सांसद के कहने पर ऐसा घिनौना कुकृत किया है।इस घटना के बाद उक्त पत्रकार किसी तरह अपनी जान बचा कर वहां से भाग निकला था।उसके बाद इस घटना की जानकारी पुलिस उपायुक्त समीर शेख को दी गई।उनके आदेश पर तिलक नगर पुलिस ने इतने बड़े अपराध में केवल एनसी लेकर मामले को रफा दफा करने का पूरा प्रयास किया।उसी रात करीब दो बजे एक कांग्रेसी सांसद ने अपने निजी सचिव के नंबर से फोन करके पीड़ित पत्रकार को डराया धमकाया।उक्त समय पीड़ित पत्रकार के साथ तिलक नगर पुलिस स्टेशन के एपीआई संग्राम गुरुशाले और पीएसआई अमर शेड़गें भी मौजूद थे।इतना ही नहीं उक्त कांग्रेसी सांसद ने पीड़ित पत्रकार से यह भी कहा है कि अगर तुमने मामला दर्ज कराया तो हमारे लोग भी क्रास मामला दर्ज कराएंगे।दूसरे दिन जब मेडिकल रिपोर्ट पुलिस उपायुक्त श्री समीर शेख को भेजी गई तो वह भी अचरज में पड़ गए।रिपोर्ट में साफ साफ लिखा था कि पीड़ित पत्रकार के दाहिने कंधे पर फैक्चर है और गंभीर चोट भी लगी है।उसके बाद श्री शेख ने पुनः आदेश देकर मामला दर्ज करने को कहा।लेकिन तिलक नगर पुलिस ने नार्मल धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुनः आरोपियों को बचाने का ही काम किया।जबकि उक्त पीड़ित पत्रकार की शिकायत पर पुलिस को इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कलम 326 और पत्रकार संरक्षण कायदा के तहत मामला दर्ज करना बहुत जरूरी था,जिसकी मांग लगातार की जा रही है।लेकिन पूरा मामला सेटअप होने के चलते संबंधित  पुलिस इस मामले में चुप्पी साधे बैठी हुई है।और पुलिस उपायुक्त के आदेश को नजरअंदाज कर रही है,जिसकी चौतरफा निंदा हो रही है।दूसरी तरफ पीड़ित पत्रकार अब भी चलने फिरने में असमर्थ बताया जाता है।वहीं दूसरी ओर उक्त तथाकथित गुंडों को बचाने के लिए एक कांग्रेसी सांसद दिन रात जुटा हुआ बताया जाता है।

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