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पालघर में आवारा कुत्तों का आतंक




कुत्तों ने करीब 22 हजार, तो बिल्लियों ने 2,108 लोगों को काटा

पालघर। पालघर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 के बीच आवारा कुत्तों ने 22,732 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। यानी हर दिन 63 लोगों को कुत्ते काटते हैं। इस दौरान 51 लोगों को बंदरों ने काटा है और बिल्लियां भी पीछे नहीं हैं। 2,108 लोगों को बिल्लियों ने काटा है। इससे एक बार फिर आवारा कुत्तों और बिल्लियों की गंभीर समस्या सामने आ गई है।

समुद्र तट पर आवारा कुत्तों का झुंड

हर जगह आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों हुई जिला परिषद की सामान्य बैठक में भी कुत्तों से होने वाले उपद्रव पर चर्चा हुई थी। कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए जिले के सफाले, दांडी, दहानू आदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नसबंदी सर्जरी की जाती है। हाल ही में प्रस्तुत जिला परिषद के बजट में 25 लाख से 80 लाख तक का प्रावधान किया गया है। फिर भी ये प्रयास नाकाफी नजर आ रहे हैं और गांवों में लोगों को आवारा कुत्तों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि चिंचनी गांव के समुद्र तट पर आवारा कुत्तों का झुंड घूमता है, जो राह चलते लोगों को अपना शिकार बनाता है।

29 लोगों को बंदरों ने काटा

पालघर जिला परिषद के तहत 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 11 हजार 196 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा। बताया गया है कि बिल्लियों ने 1,374 लोगों को, बंदरों ने 22 लोगों को, अन्य जानवरों, सांपों ने 1,026 लोगों को काटा है। पालघर जिला सर्जिकल विभाग के तहत चार उपजिला अस्पतालों और नौ ग्रामीण अस्पतालों के तहत कुल 11,536 लोगों को कुत्तों ने काटा है, 734 लोगों को बिल्लियों ने काटा है और 29 लोगों को बंदरों ने काटा है। 121 लोगों को अन्य जानवरों द्वारा काटे जाने की सूचना मिली थी। जिले में कुल 6,970 लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया और अन्य 16,982 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन की माध्यम से खुराक दी गई। तृतीय श्रेणी के 1,924 रोगियों को उपजिला अस्पताल और ग्रामीण अस्पतालों से इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन के साथ-साथ एंटी-रेबीज इंजेक्शन की आपूर्ति की गई है।

इन इलाकों में 700 से 750 आवारा कुत्ते

पालघर नगर परिषद क्षेत्र के पालघर-मनोर, पालघर-माहिम, पालघर-टेम्बोड, पालघर-लोकमान्य नगर, पालघर-नावली वेवूर, पालघर-बोईसर आदि, चिंचनी गांव क्षेत्र में कम से कम 700 से 750 आवारा कुत्ते हैं। नसबंदी न होने से कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। समझा जाता है कि नसबंदी सर्जरी करने के लिए ठाणे की एक कंपनी को ठेका दिया गया है और उन्होंने अभी तक नसबंदी प्रक्रिया शुरू नहीं की है। पीड़ित नागरिक सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ठेकेदार को बिल का भुगतान कैसे किया जाता है।

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