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एसआरए परियोजना को मिलेगी गति

वित्तीय संस्थान भी बन सकेंगे परियोजना में सहभागी 



मुंबई। स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) ने सालों से प्रलंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए परियोजना में निवेश करने वालों को भागीदार बन सकने का अधिकार दिया है। इससे SRA परियोजनाएं जो सालों से अधर में हैं उनको गति मिलने की बात SRA अधिकारियों ने कही है। इस निर्णय का विकासकों ने स्वागत किया है। कहा कि इससे न सिर्फ परियोजनाओं को गति मिलेगी बल्कि पात्र निवासी जिनको सालों से अपना किराया नहीं मिला है वह भी दिक्कत दूर होगी। 



बता दें कि SRA में कुल 1517 परियोजनाएं हैं जो सालों से प्रलंबित हैं।  इससे हजारों निवासियों के घर पा सकने का सपना अधर में है। SRA परियोजनाओं को गति देने के लिए कई कदम उठाए गए लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसी दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।  इसमें यह निर्णय लिया गया है कि जिन परियोजनाओं में निवेश वित्तीय संस्थानों ने किया है और फिर भी उनमें काम नहीं शुरू हुआ है ऐसी परियोजनाओं में निवेश करनेवाले संस्थान अब को -डेवलपर बन सकते हैं और परियोजना का काम पूरा होने के बाद सेल कम्पोनेंट में वह अपना हिस्सा ले सकते हैं।  SRA ने गुरुवार को इस निर्णय का नोटिस जारी किया है।  



विकासकों ने किया निर्णय का स्वागत 

विकासकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। बृहनमुंबई डेवेलपर्स एसोसिएशन(बीडीए ) के यूथ विंग प्रेजिडेंट चिंतन वसानी ने कहा कि SRA परियोजनाओं के देरी की मुख्य वजह पैसों की किल्लत है, ऐसे में सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय कारगर साबित होगा। परियोजनाओं में भागीदार बन सकने से वित्तीय संस्थान परियोजना में निवेश करने में हिचकिचाएंगे नहीं और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। चिंतन वसानी मौजूदा समय में म्हाडा की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 12000 घरों का निर्माण कर टिटवाला में कर रहे हैं।  



वहीं 50 से अधिक परियोजनाएं पूरी करने वाले एच रिशबराज समूह के एमडी हरीश कुमार जैन ने कहा कि यह निश्चय ही SRA परियोजना को सही दिशा में ले जाएगा। इससे शिव-सेना जिसकी सहभागी सरकार महाराष्ट्र में है उनके सपने स्लम फ्री मुंबई को आकार मिलेगा। 

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