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एसआरए की सर्वे नोटिस से चांदिवली के काजूपाड़ा के निवासियों में मचा हड़कंप



मुंबई : चांदिवली विधानसभा के अंतर्गत आने वाले काजूपाड़ा 90फीट रोड के समीप की कुछ बस्तियों में हाल ही में झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना ( एस आर ए) विभाग की ओर से झोपड़ों के सर्वे के लिए  अनेक घरों पर बगैर किसी सूचना के नोटिस चस्पा कर दिए जाने से काजूपाड़ा के निवासियों में हड़कंप मच गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके पहले भी वार्ड क्रमांक 161की कुछ बस्तियों में झोपड़ों के सर्वे के लिए नोटिस लगाई गई थी नागरिकों के विरोध के बाद सर्वे करने आए अधिकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा था। 

                           

मिली जानकारी के अनुसार चांदिवली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले काजूपाडा 90फीट रोड पर  ,पेनिनसुला होटल से गणेश मैदान, काजूपाडा मार्केट, गैबनशाह दरगाह  तक अनेक घरों पर झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना ( एस आर ए) अधिकारियों द्वारा सर्वे की नोटिस लगा दी गई है। इस नोटिस में झोपड़ावासियों को हिदायत दी गई है कि अपने अपने घरों के सर्वे के दौरान सर्वे अधिकारियों को सहयोग करें। इसके अलावा अपने अपने घरों का दस्तावेज भी उपलब्ध कराएं। खास बात यह है कि झोपड़पट्टी पुनर्वसन विभाग के अधिकारियों द्वारा नागरिकों को बगैर अवगत कराए ही यह सर्वे नोटिस लगाने से निवासियों में हड़कंप मचा हुआ है।


अनेक नागरिकों ने एस आर ए विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया है। उनका कहना है कि सरकार हमें पुनर्वसन के नाम पर यहां से हटाने की साजिश रच रही है लेकिन एसआर ए विभाग के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। क्षेत्र की जानी मानी सामाजिक   संस्था स्वाभिमान  के अध्यक्ष संजय तिवारी और क्षेत्र के अनेक राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा भी इस सर्वे का  तीव्र विरोध किया जा रहा है। इसके अलावा नागरिकों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है। वहीं बज्मे इंसानियत वेल्फेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्य्क्ष मुजीबुर्रहमान सिद्दिकी  तथा एसोसिएशन के सदस्य लेनिश अरिमबूरे नेकहा कि एस आर ए विभाग  की ओर से झोपड़ों के सर्वे किए जाने की जो नोटिस लगाई गई है। सर्वप्रथम उस नोटिस  के बारे में नागरिकों को अवगत कराना चाहिए। उनसे चर्चा की जानी चाहिए।क्योंकि झोपड़ों के पुनर्वसन के नाम पर सर्वे किए जाने की जो नोटिस लगाई गई है उससे नागरिकों में हड़कंप मचा हुआ है। दूसरी खास बात यह है कि वर्तमान समय में उपनगरों के अनेक इलाकों में एस आर ए की योजना ठप्प पड़ी  हुई है ऐसे में सर्वे कराने क्या औचित्य है? जिसके कारण बज्मे इंसानियत वेल्फेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष मुजीबुर्रहमान सिद्दीकी और सदस्य लेनिश ने महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग और  एस आर ए के अधिकारियों से झोपड़ों के सर्वे पर रोक लगाने की मांग की है।

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