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वेश्यावृत्ति रैकेट का पर्दाफाश ; पुलिस ने मारा छापा ,2 महिला को दल-दल से छुड़ाया


महिला दलाल गिरफ्तार, अपराध दर्ज

कमीशन लेकर करवाती थी पीड़ित महिलाओं से वेश्यावृत्ति

बोगस ग्राहक के जरिये हुई कार्रवाई




वसई: मानव तस्करी विरोधी सेल नालासोपारा (मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय) ने एक महिला को वेश्या के रूप में गिरफ्तार किया और दो पीड़ित महिलाओं को मुक्त कराया गया है।यह कार्रवाई क्राइम (डीसीपी) अविनाश अंबुरे व एसीपी मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में मानव तस्करी विरोधी सेल नालासोपारा युनिट की पुलिस निरीक्षक सौरभी पवार व स्टाफ ने की है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि,पुलिस निरीक्षक सौरभी पवार ने गोपनीय सूचना मिलने के बाद एसीपी को सूचित किया कि एक महिला वेश्या दलाल नायगांव पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर मुंबई अहमदाबाद राजमार्ग रोड पर ससुपाड़ा में किनारा ढाबा के पास वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियां उपलब्ध करा रही थी। पीआई सौरभी पवार के अनुसार,पोहवा।बापू पवार,पोहवा।रोशन नारायण किनी,पोहवा।महेंद्र पुंडलिक शेट्टी,मपोहवा।साक्षी संकेत डोईफोडे,मपोशि।पूनम मधुकर जगदाले व चालक पोहवा सुनील विष्णु पागी आदि युनिट नालासोपारा के साथ बोगस ग्राहक और दो पंचों के साथ जाकर छापेमारी कर,दो पीड़ित महिलाओं को बचाया गया। टीम ने एक 28 वर्षीय महिला वेश्या दलाल (सुरेखा अजय बोराडे) को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि,संक्षेप में, मामले के तथ्य इस प्रकार हैं कि सुरेखा अजय बोराडे, एक वेश्या, ने पीड़ित महिलाओं 1) उम्र 34 वर्ष और 2) उम्र 30 वर्ष को पैसों का लालच दिया और उनसे अलग-अलग ग्राहकों से संपर्क किया और उनसे प्रति महिला 10,000 रुपए तक पैसे लिए। और पीड़ित महिलाओं को वेश्यावृत्ति में लगा दिया। मुआवजे के तौर पर पीड़ित महिला महिलाओं को 2000 रुपए देती है और ग्राहक से मिले पैसों में से बाकी रकम अपना कमीशन लेकर अपना गुजारा करती है।पुलिस अधिकारी ने कहा कि, उक्त दोनों पीड़ित महिलाओं को देह व्यापार के धंधे के दलदल से मुक्त कराकर उक्त दलाल महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसके विरुद्ध नायगांव थाने में धारा 370 एवं अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंध अधिनियम 1956 की धारा 4, 5 के तहत मामला दर्ज कर किया गया है।

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