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महिलाएं बना रही हैं पर्यावरण पूरक श्री गणेश मूर्तियां



मुंबई। कोरोना कॉल के चलते दो साल श्री गणेशोत्सव का त्यौहार ना के बराबर मनाया गया।जबकि इस वर्ष यह त्यौहार काफी धूमधाम से मनाए जाने की अभी से तैयारी शुरू है।

ऐसे में आने वाले गणेशोत्सव के लिए लोगो का झुकाव सस्ते,हल्के व पर्यावरण पूरक श्री गणेश मूर्तियों की तरफ कुछ जादा दिखाई दे रहा है।ऐसे ही मूर्तियो को बनाने का काम प्रथमेश इकोफ्रेंडली संस्था की महिलाएं जोरशोर से कर रही हैं।


गौरतलब है कि हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार गणेशोत्सव के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई है।हर गल्ली नुक्कड़ पर श्री गणेश मूर्तियों के बनाने के पंडाल, बेचने के पंडाल व उन्हें बैठाने के पंडाल लगने शुरू हो गए हैं।कुछ बड़े सार्वजनिक मंडल के लोग तो अभी भी इस त्यौहार के लिए अपनी तैयारी में जुट गए है।कुर्ला पूर्व स्थित प्रथमेश इकोफ्रेंडली संस्था की दर्जनों महिलाएं दिन रात पर्यावरण पूरक श्री गणेश मूर्तियां बनाने का काम कर रही हैं।प्रथमेश इकोफ्रेंडली संस्था की अध्यक्षा जयश्री गजाकोश की देखरेख यहां की महिलाएं मनमोहक सुंदर आकर्षक मूर्तियां बनाने में जुटी हुई हैं।उनके साथ संजना गजाकोश भी मूर्तियो को अंतिम रूप देने रंगरोगन करने में लगी हुई है।

    

इस संबंध में मुंबई के कई मूर्तिकारों से बात करने पर मालूम पड़ा कि मुंबई में मूर्तिकारों की करोड़ो की मूर्तियां 2019 ,2020 व 2021 में धरी की धरी रह गई थी।श्री प्रथमेश इको फ्रेंडली गणेश मूर्तिकार की जयश्री गजाकोश ने बताया कि हमारे यहां बनाई गई पर्यावरण पूरक इकोफ्रेंडली श्री गणेश मूर्तियो की मांग देश से जादा विदेशो में है।आस्ट्रेलिया,जर्मनी,इंग्लैंड,फ्रांस, मॉरीशस में इकोफ्रेंडली श्री गणेश मूर्तियो को ही प्राथमिकता दी जाती है।श्रीमती गजाकोश ने बताया की सरकार व मनपा प्रशासन की सभी गाइड लाइन के तहत ही मुंबई के कुर्ला पूर्व नेहरू नगर में प्रथमेश इकोफ्रेंडली संस्था की दर्जनों महिलाओं द्वारा जोरशोर से इकोफ्रेंडली श्री गणेश मूर्तियां बनाई जा रही हैं।जिसमें कई बचत गट की महिलाएं काम कर रही है।

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