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'जनता जिसे चुन दे वे सांसद बन सकते है परंतु जनार्दन जिसे चुनते है वही आता है सतसंग में'

By:R.B.Singh



मुंबई। महानगर के दक्षिण मुंबई स्थित गोलदेऊल से समीप कुभांरवाङा की तीसरी गल्ली वाले श्रीराममंदिर वाङी के प्रांगण में पिछले तकरीबन छह रोज से चल रहे भव्य सतसंग व शिवपुराण कथा पाठ का समापण २३ जुलाई को शनिवार रात तकरीबन १० बजे से पहले खबर लिखने तक हो जानेवाला है जिसके उपलक्ष्य में २४ जुलाई रविवार को दिन के १२ बजे से दोपहर के ३ बजे तक भंडारा का भी आयोजन किया गया है जिसमें चौरसिया समाज के शिवभक्तजनो के अलावा सैकङो से भी अधिक भक्तजन जो जो भक्तजन भगवान शिव के कथा का रसपान किए है वे सभी संभवतः भगवान शिव के महाप्रसाद का भी लाभ लेगें।



बता दें कि इस कथा समारोह में मध्य प्रदेश के सतना जिले से आए हुए प्रकांड विद्वान कथाकार आदरणीय श्री आदित्य प्रकाश त्रिपाठी जी ने १८ जुलाई के पहले दिन से ही भगवान शिव का कथा सुना सुनाकर इस कदर समां बांधने लगे कि दिन ब दिन इस तरह के कथापाठ के श्रोताजनो की तादाद बढने लगी जिसका आलम यह रहा कि अंतिम रोज तो भक्तजन श्री राम जी और हनुमान जी के मंदिरो के चौखट तले भी बैठने से कथा पाठ श्रवण हेतु एक भी कोई भक्त किसी तरह का कोई गुरेज तक नही किए।


बतातें चलें कि कथाकार आ.श्री त्रिपाठी जी के द्वारा कथा पाठ कहने तथा सुनाने की शैली ही ऐसी है कि एक दिन गर कोई इनके मुखारबिन्दु से कथा पाठ का श्रवण कर ले तो उससे हर रोज श्रवण करते रहने का लत लग जाना लाजिमी है।


जबकि इस दरम्यान उनके मंच पर हो रहे बीच बीच में आचार्यगणो द्वारा किए जा रहे मंत्रोच्चार व भगवान शिव के जयकारो का उदघोष तथा गायक वादकगणो द्वारा परोसे जा रहे सुरीले व कर्णप्रिय भजन संगीत आदि कथा सागर के तलहट्टी तक कथापाठ के रसिकजनो को गोते लगाने को मजबूर कर देता है जिसके अलावा कथा पाठ के ही संदर्भ में बीच बीच में नृत्य कौशल में मंझे हुए कलाकारगणो द्वारा पेश की जा रही शिव पार्वती तथा भूत प्रेत आदि की झांकी इस आयोजन में और कौतुहल एवं रोचकता भर देती है।

जिस सप्तदिवसीय आयोजन को सफल बनाने में आचार्य श्री मनोज द्विवेदी ,पंडित श्री विरेन्द्र गोस्वामी के अलावा दर्जनो पंडित महोदय गणो के साथ साथ चौरसिया समाज से उभरते नवयुवक शिवभक्त उमेश चौरसिया तथा उनके समिति सदस्यजनो तथा उन तमाम शिवभक्तजनो के तन, मन और धन आदि के योगदानो को नही नकारा जा सकता जिन सबके मेहनत व लगन से इस व्यस्त महानगर में हजारो श्रद्धालुजन भगवान शिव के कथा पाठ के श्रवण से फिलहाल हर रोज शाम ५.३० बजे से रात ९.३० बजे तक लाभान्वित हो रहे है।

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