top of page
  • Writer's pictureBB News Live

हिंदी प्रेमी डॉ.सुशीला गुप्ता की शोक सभा संपन्न


मुंबई। साहित्यकार भाषा विद, डॉ. सुशीला गुप्ता के निधन पर प्रेस क्लब में उनके परिजनों व राष्ट्रभाषा महासंघ के तत्वावधान में आयोजित शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी ने उनके साथ किए काम के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे बहुत अनुशासित, व्यवस्थित काम करने वाली हिंदी प्रेमी- विदुषी महिला थी। राष्ट्रभाषा महासंघ के कार्याध्यक्ष महेश अग्रवाल ने उन्हें साहित्य और हिंदी की निष्ठावान व्यक्तित्व निरूपित किया। उन्होंने राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के प्रधानमंत्री डॉ.हेमचंद्र वैद्य के शोक संदेश का वाचन किया। 25 पुस्तकों की लेखिका डॉ सुशीला गुप्ता बी.एम. रुइया महिला वि.वि. में प्राचार्या रही हैं, वहां की वर्तमान प्राचार्य संतोष कौल ने उन्हें कुशल प्रशासक बताया । श्रुति रानाडे ने कालेज का शोक पत्र परिजनों को सौंपा। राष्ट्रभाषा महासंघ की सरोजिनी जैन माधुरी वाजपेई, सविता मनचंदानी, श्रीमती गांधी, उषा बूबना, डॉ सुशीला गुप्ता के भतीजे राजेश गुप्ता और बहन शांता गुप्ता, छात्रा आशा गुप्ता आदि ने विचार रखे। राष्ट्रभाषा महासंघ के महासचिव डॉ. अनंत श्रीमाली ने संचालन में कहा कि भारत के पहले क्रिया शब्दकोश का उन्होंने बहुत परिश्रम से संपादन किया था। डॉ गुप्ता ने कई देशों की यात्राएं की और वहां शोध पत्र पढ़े और हिंदी की पताका फहराई।


bottom of page