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भाषाओं के विकास नई तकनीक सहयोगी है : बालेंदु दाधीच



मुंबई । "तकनीकी दौर में अपनी भाषाओं की तरफ लौटने का समय आ गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता,क्लाउड कम्प्यूटिंग रिमोट वर्क आदि के ज़रिए भारतीय भाषाओं को बढ़ाएं।" 

ये विचार न्‍यू इंडिया एश्‍योरेंस कं.लि. क्षेत्रीय कार्यालय-3 व बृहत कार्पो., ब्रोकर्स कार्यालय 1-2 में ‘सूचना प्रौद्योगिकी तथा भारतीय भाषाऍं’ विषय पर  आयोजित  संगोष्‍ठी में  बालेंदु शर्मा दाधीच,मायक्रोसाफ्ट कं. के निदेशक (स्‍थानीय भाषाऍं और सुगम्‍यता) ने कहे ।


कई पुस्‍तकों के लेखक और राष्‍ट्रपति पुरस्‍कार से सम्‍मानित दाधीच ने आगे कहा कि तकनीकी क्षेत्र में ग़लत जानकारी और जागरूकता का अभाव है जबकि तकनीक दीवारों को  तोड़ रही है।  वरिष्‍ठ प्रौद्योगिकीविद, अंतर्राष्‍ट्रीय वक्‍ता दाधीच ने यूनिकोड के माध्यम से समस्त भारतीय भाषाओं की टाइपिंग,मशीनी अनुवाद आदि की विस्तार से जानकारी दी। न्यू इंडिया एश्योरेंस कं. के धर्मेश सक्सेना, वेंकटेश अय्यर, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, अनु राऊत, इंदिरा अय्यर,  शिवाजी मोहिते ,क्षेत्रीय प्रबंधक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


इस मौके पर मुंबई की  साहित्यिक संस्‍था ‘आशीर्वाद’ की ओर से नीता बाजपेयी, डॉ.मेघा अनंत श्रीमाली ने सम्‍मानित किया ।

संचालन  अमरदीप गंगवाल, हिंदी अधिकारी व आभार विराट जी, क्षेत्रीय प्रबंधक ने माना ने माना।

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