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मां बेटे की करंट के चपेट में आने से मौत

मुंबई। बोईसर के करीब शिगांव खुटाड़ इलाके में मिर्ची की फसल को जंगली पशुओं से बचाने के लिए बिजली का तार लगाया था.यही



काम करने वाले महिला और उसके बेटे की खेतों के किनारे लगे बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई. मृतकों की पहचान ओमप्रकाश साहनी (40) और ललिता देवी साहनी (60) के रूप में हुई है. दोनों शिगांव-खुटाड गांव में खेत में घूम रहे थे, तभी ओमप्रकाश का पैर गलती से बिजली के तार पर पड़ गया जो जंगली जानवरों को दूर रखने के लिए बिछाया गया था. ओमप्रकाश को बचाने के लिए दौड़ी ललिता भी करंट की चपेट में आ गई. दुर्घटना में दोनों मां बेटे दोनो की मौके पर ही मौत हो गई.

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस इस मामले में पंचनामा और आगे की जांच कर रही है. बता दें कि पालघर जिले में जंगली सूअर बागवानी में काफी उत्पात मचा रहे हैं. जंगली सूअर और पशुओं से बागवानी फसलों को बचाने के लिए कई किसान अवैध विद्युतीकरण की मदद से खेतों में करंट दौड़ा रहे हैं. जो अब लोगों के लिए जानलेवा बन रहा है. अक्टूबर 2023 में भी पालघर के पास नंदोरे में इसी तरह की एक घटना में, बिजली के तार को छूने के बाद दुर्भाग्य से दो युवकों की मौत हो गई थी. लेकिन स्थानीय प्रशासन ने फिर भी इसे गंभीरता से नही लिया. जिससे लोगों की मौत हो रही है.

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