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दो बिल्डरों को ब्लैकमेल करने वाले तीन गिरफ्तार

तिलक नगर पुलिस ने आरोपियों को किया अरेस्ट



मुंबई। मुंबई शहर के दो बिल्डरों को ब्लैकमेल करने वाले तीन आरोपियों में से तीन आरोपियों को तिलक नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।जिन्होंने एक सप्ताह के भीतर दो अलग-अलग मामलों में ब्लैकमेल करके बिल्डरों से पैसे की डिमांड की थी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार एक मामले में घाटकोपर के एक डेवलपर को 11 अप्रैल को एक व्यक्ति का फोन आया,जिसने खुद को महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उपाध्यक्ष गणेश जाधव के रूप में खुद को पेश किया और उसने दावा किया कि उसके पास कई दस्तावेज है।आरोपी जाधव ने कहा कि वह बिल्डर को प्रोजेक्ट पूरा नहीं रखने देगा।


उक्त बिल्डर ने तिलक नगर पुलिस में इसकी शिकायत की।जिसके बाद पुलिस ने एक टीम का गठन कर अपना जाल बिछाया और 28 अप्रैल को जाधव को डेवलपर से 2 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

पकड़ा गया आरोपी वास्तव में एक सुरक्षा फ़ार्म में पर्यवेक्षक के रूप में काम करता है।पुलिस निरिक्षक सरिता चव्हाण ने बताया की हम यह जानने के लिए उसके मोबाइल फोन से डेटा प्राप्त कर रहे हैं कि क्या उसने किसी अन्य और डेवलपर के साथ ऐसा काम मतलब ब्लैकमेल करने का काम इसके पहले भी किया है। इसी तरह के एक अन्य मामले में एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने पिछले हफ्ते दो आरोपियों को चेंबूर स्थित एक बिल्डर को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था,जिसने अमर महल में एक एसआरए परियोजना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।अरिहंत रियल्टर्स के चैतन्य मेहता ने कहां की मैंने 12 साल पहले पंचशील नगर में इस परियोजना पर काम करना शुरू किया था और आरोपी पिछले 10 वर्षों से मुझे परेशान कर रहे हैं,परियोजना को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने दो वर्ष हमारे खिलाफ आंदोलन भी किए।हालांकि इस साल उन्होंने मुझसे पैसे देने को कहा।पुलिस के मुताबिक उन दो आरोपियों ने 24 मार्च को अरिहंत रियल्टर्स के एक कर्मचारी से मुलाकात की और आंदोलन को रोकने के लिए सात करोड़ रुपये की मांग की.जब कर्मचारी ने मेहता को इसकी सूचना दी,तो उसने आरोपी से मिलने पर जोर दिया और तदनुसार 6 अप्रैल को एक बैठक की।जब आरोपी ने अपनी मांग की तो मेहता ने कहा कि वह इतनी बड़ी राशि का भुगतान नहीं करेगा।जिसके बाद ब्लैकमेल करने वालों ने 7 कम करके 5 करोड़ रुपए की डिमांड की


इसके बाद डेवलपर ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया और इस मामले को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया गया।पुलिस ने जाल बिछाकर 22 अप्रैल को पैसे लेते हुए संजकर और मुल्तानी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ डीबी मार्ग थाने में धारा 384 (जबरन वसूली) 385 (जबरन वसूली के लिए किसी की जान खतरे में डालना) और 120 बी (आपराधिक) के तहत मामला दर्ज किया गया है।तिलक नगर पुलिस स्टेशन के डैशिंग पीएसआई शरद नानेकर व उनकी टीम ने महिला पुलिस निरिक्षक सरिता चव्हाण के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक सुनील काले की देखरेख में यह कार्यवाई की है।

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